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कहाँ तक बचेंगे कैमरे से, आप उसकी निगरानी में जो रहेंगे?

George Orwell 1984

Big brother is watching you

ये कम्पयूटर, ये सटाक-सटाक बंद होनेवाले मेट्रो ट्रेन के दरवाजें, यह पलक झपकते ही फर्राटे में हवा से बात करने वाली कार – यह सब टेक्नोलॉजी की बातें आपको डरावनी लगती हैं? परन्तु जिस दिशा में हम प्रगति कर रहे हैं, कहाँ तक आप बच पाएंगे आप टेक्नालॉटी से?

विश्व आज आम लोगों के गाँव और शहरों से अलग नए ‘स्मार्ट’शहरों की तरफ बढ़ रहा है। हमारे पडोसी चीन,एशिआई देश साऊथ, उधर सऊदी अरब में करोड़ों की लागत से सरकारें नए स्मार्टशहरों को बनाने के काम के  हैं । भारत में इसकी शुरुआत हो चुकी है। गुजरात के गांधीनगर में ‘गुजरात स्मार्टसिटी डेवलपमेंट प्रोजेक्ट‘ के नाम से एक नए शहर प्रकार  का कार्य प्रगति पर हैं।

इस ख़ास शहर में सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सेज से जायेगी (घरों की छतों पर सोलर पैनल के माध्यम से) जिससे रोशनी की व्यवस्था  की जा सकेगr। साथ ही कोयले और पानी से पैदा की गयी बिजली का भी इस्तेमाल होगा ।

इस ख़ास शहर में सोलर एनर्जी और रिन्यूएबल एनर्जी सोर्सेज से जायेगी (घरों की छतों पर सोलर पैनल के माध्यम से) जिससे रोशनी की व्यवस्था  की जा सकेगी। साथ ही कोयले और पानी से पैदा की गयी बिजली का भी इस्तेमाल होगा । गलियों में लाइट्स की व्यवस्था दुरूस्त होगी, हर जगह वाई-फाई होगा, पब्लिक ट्रांसपोर्ट और ट्रैफिक की व्यवस्था को सबल और आटोमेटिक बनाया जायेगा ।

यहाँ तक तो सब कुछ ठीक है, आब सबसे अहम बात,  सड़कों पर कैमरों के ज़रिये अपराधियों (क्रिमिनल) को पहचानना और पकड़ना आसान कैसे? जिन अपराधियों को पुलिस पकड़ेगी उनके और डीएनए के  सैंपल कंप्यूटर पर अपलोड करेगी । यदि वह चेहरा सड़क पर दिखा रोड-रास्तों पर लगे कैमरे उस चेहरे को पहचान नजदीकी पुलिस स्टेशन पर अलर्ट भेज सकेगा, और अपराधी को पकड़ लिया जाएगा ।

परन्तु ऐसी स्मार्ट सिटी में शिक्षा की व्यवस्था क्या होगी, क्या क्लाउड स्टडी को महत्व दिया जाएगा, कारों से खचाखच भरी रोड से बचने के लिए क्या हवाई रास्तों का उपयोग होगा, आटोमेटिक कारों को जगह दी जाएगी, रास्ते पर लगा कैमरा, जो कि अपराधी की तस्वीर के ज़रिए उसे ढूंढने को तत्पर रहेगा, उस तस्वीर को मैच करने के लिए क्या मेरी ही तस्वीर कैमरे में उतार लेगा- ऐसे अनेक प्रश्न हैं जिन पर अभी चर्चा होनी बाकी है।

यदि हम यह माने  कैमरा के उस तरफ बैठा व्यक्ति या दल – सड़कों-गलियों में लगे कैमरों के जरिये अपराधी पर ही नहीं वरन हर (व्यक्ति की) गतिविधि को देख सकेंगे तो यह गलत नहीं होगा । जोड़-घटा कर हम इस नतीजे पर पहुँचते हैं कि चिहित भले ही कुछ ही चेहरे किया जाएँ, कैमरे के निशाने पर हर चेहरा रहेगा- आपका भी ।

 गलत नहीं कहा था जॉर्ज ओरवेल ने- बिग ब्रदर इस वाचिंग यू । 

चित्र आभार: blogs.phoenixnewtimes.com

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